
सिया राम मय सब जग जानी -राजेश्री महन्त जी
छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष(कैबिनेट मंत्री दर्जा)राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज विमतारा सेमिनार हॉल, शांति नगर, रायपुर में डॉ शीला गोयल द्वारा लिखित “सबके राम” पुस्तक के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए ।


कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर आभा सिंह ने की, कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी माता सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर भजन प्रस्तुत की गई,अतिथियों का स्वागत शाल, पुष्प गुच्छ भेंट करके किया गया। पुस्तक विमोचन पर अपना विचार प्रस्तुत करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि – सबके राम पुस्तक की लेखिका श्रीमती गोयल जी एवं यहां विराजित लगभग सभी अतिथिगण पेशेवर डॉक्टर हैं लेकिन इतनी अच्छी साहित्यिक पुस्तक की रचना इन्होंने की है जिसे देखकर ऐसा लगता है कि अपने जीवन की व्यस्ततम समय में भी आप लोगों ने साहित्य सृजन के प्रति जिस तरह लगन से कार्य किया है उसकी जितनी भी सराहना की जाए वह कम ही है। भगवान राम सबके हैं इसे संपूर्ण जगत स्वीकार करता है, गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने श्री रामचरितमानस में लिखा है कि सिय राम मय सब जग जानी। करउं प्रनाम जोरि जुग पानी।। यदि इस एक चौपाई को ही हम सब आत्मसात कर लें तो संसार की कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान संभव हो जाएगा*। कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती सिंह ने कहा कि- मैं साहित्य जगत से जुड़ी हुई नहीं हूं किंतु मुझे यहां विमोचन समारोह में आमंत्रित किया गया है,पाश्चात्यिकरण के इस अंधाधुंध दौड़ में भारतीय संस्कृति को मजबूत करने का काम श्रीमती गोयल जी ने किया है, मुझे पता नहीं है कि पाश्चात्यीकरण शब्द साहित्य में है या नहीं किंतु मेरी भावनाओं को आप सभी उचित रूप में समझ रहे हैं। डॉ अरुणा पलटा, शताब्दी पांडे, डॉक्टर संध्या वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजित थीं, इन्होंने भी लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम का विधिवत संचालन डॉक्टर अरविंद नेरल ने किया कार्यक्रम में विशेष रूप से अजय सिंह, सुशील त्रिवेदी, गिरीश पंकज, संजीव ठाकुर, सुधीर शर्मा, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक गण सम्मिलित हुए। सौरभ श्रीवास्तव ने हनुमान चालीसा प्रस्तुत की।

