
श्री शिवरीनारायण मठ एवं श्री महन्त लाल दास शिक्षण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हुए सम्मिलित अनेक अतिथि

श्रावण शुक्ल सप्तमी को श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के जयंती का कार्यक्रम श्री शिवरीनारायण मठ एवं श्री महन्त लाल दास शिक्षण समिति द्वारा संचालित विद्यालय में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री रामचरितमानस की पूजा अर्चना के साथ हुई। आगंतुक अतिथियों का स्वागत शाल, श्रीफल एवं पुष्प गुच्छ भेंट करके किया गया।



बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं एवं छात्र-छात्राओं को अतिथियों ने संबोधित करके श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान से अवगत कराया। राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि- गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज को अपने इष्टदेव श्री रामचन्द्र जी के प्रति इतना प्रेम था कि उन्होंने अपने वृंदावन प्रवास के समय भगवान श्री कृष्ण चंद्र जी का दर्शन करते समय यह कहा कि – कहा कहूं छवि आपकी भले बिराजे नाथ। तुलसी मस्तक तब नवे जब धनुष बाण लिए हाथ।। भगवान को अपने भक्त की भावनाओं को देखकर श्री रामचंद्र जी के रूप में दर्शन देना पड़ा। छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा जी ने कहा कि- यदि किसी माता-पिता को अपने संतान के भाग्य लिखने का अवसर मिल जाए तो क्या वह अपने संतान के जीवन के राह में कांटे लिखेगा ? भगवान सबके जीवन में सुख ही लिखते हैं लेकिन मनुष्य अपने कर्मों के कारण दुख प्राप्त करता है। मानस मर्मज्ञ विष्णु घर दीवान ने कहा कि- दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज काहू नहीं व्यापा।। लोगों को अनेक विशिष्ट एवं अति विशिष्ट मानस वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर विशेष रूप से नरेंद्र मिश्रा पूर्व विधायक बलौदा बाजार, श्याम शुक्ला, छवि श्याम दुबे, रामचंद्र पटेल, पंकज शुक्ला, योगेश शर्मा, निरंजन लाल अग्रवाल, नटवरअग्रवाल, भरत व्यास, डॉक्टर संजय त्रिवेदी, अनिमेष मिश्रा, गंगाराम केवट ,भगत राम साहू, राधेलाल जायसवाल, बिहारी लाल भारद्वाज ,कोमल साहू, गंगाराम पटेल, पुनीराम साहू, त्यागी जी महाराज, सुखराम दास, गोपाल केवट, पुरेंद्र सोनी, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक गण सम्मिलित हुए। तुलसी जयंती के अवसर पर सभी मानस वक्ताओं एवं श्रोताओं को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

