सूरज की रोशनी से बदली रातों की तस्वीर: सोलर हाई मास्ट से आदिवासी कन्या आश्रम में रोशन हुआ उम्मीदों का आंगन

Date:

रायपुर, 08 सितम्बर 2026

जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में विकास की रोशनी पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।

इसका एक प्रेरक उदाहरण आदिवासी कन्या आश्रम बड़वाही, विकासखंड भरतपुर में स्थापित सोलर हाई मास्ट संयंत्र है। इस संयंत्र ने न केवल आश्रम परिसर को रोशन किया है, बल्कि यहां रहने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर वातावरण भी तैयार किया है।
डीएमएफ की राशि से वनांचल में पहुंची विकास की रोशनी
जिला प्रशासन अंतर्गत जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत 5.38 लाख रुपये की लागत से आदिवासी कन्या आश्रम बड़वाही में एक नग सोलर हाई मास्ट संयंत्र स्थापित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया गया। जिला प्रशासन एमसीबी के प्रयासों से दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थापित यह संयंत्र अक्षय ऊर्जा के उपयोग के साथ-साथ छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
जिला मुख्यालय से लगभग 145 किलोमीटर दूर स्थित बड़वाही का आदिवासी कन्या आश्रम दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्र में है। ऐसे क्षेत्र में रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना छात्राओं की सुरक्षा और दैनिक गतिविधियों के लिए बेहद आवश्यक है। सोलर हाईमास्ट की स्थापना के बाद आश्रम परिसर में रातभर निर्बाध प्रकाश उपलब्ध हो रहा है।
बिजली गुल होने पर भी आश्रम परिसर रहता है रोशन
इस सोलर हाई मास्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि रात्रिकालीन बिजली चले जाने के बाद भी आश्रम परिसर में प्रकाश व्यवस्था सुचारू बनी रहती है। सौर ऊर्जा से संचालित यह व्यवस्था पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के साथ ऊर्जा के स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प को बढ़ावा दे रही है।
स्थापित हाई मास्ट आसपास के लगभग 50 मीटर तक के क्षेत्र को प्रकाशमान करता है। इससे आश्रम परिसर में अंधेरे की समस्या काफी हद तक दूर हुई है। अब छात्राएं शाम और रात के समय भी आश्रम परिसर में सुरक्षित महसूस करती हैं। परिसर में पर्याप्त रोशनी होने से आवागमन सुगम हुआ है और छात्राओं के मन में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
बेटियों के चेहरे पर आई सुरक्षा की मुस्कान
आश्रम की अधीक्षिका एवं छात्राओं ने सोलर हाई मास्ट की स्थापना को उपयोगी और सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि पहले रात के समय अंधेरे के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब पूरा परिसर रोशन रहता है और बिजली बाधित होने पर भी प्रकाश व्यवस्था प्रभावित नहीं होती। छात्राओं के लिए यह सुविधा उनकी पढ़ाई, आवागमन और दैनिक गतिविधियों को अधिक सहज बनाने के साथ सुरक्षा का भरोसा भी दे रही है।
यह पहल स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन और क्रेडा के समन्वित प्रयासों से सोलर ऊर्जा के माध्यम से बड़वाही के आदिवासी कन्या आश्रम में रोशनी पहुंची है। यह सिर्फ एक हाई मास्ट की स्थापना नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्र की बेटियों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और आत्मविश्वास की नई रोशनी का संचार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी शंभू बारी के परिवार का सहारा

प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से जरूरत...