सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यापक स्‍तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए सरल एआई का उपयोग किया

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प्रविष्टि तिथि: 15 SEP 2026 8:46AM by PIB Delhi

सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) ने सरल एआई का लाभ उठाकर विज्ञान संचार को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की है। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ), नई दिल्ली की इस नवीन सरल एआई पहल का उद्देश्य पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध को आकर्षक और सुलभ वीडियो में परिवर्तित करना है।

यह पहल विज्ञान और अनुसंधान के प्रभावी संचार के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में संस्थानों को सरल एआई का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिसमें सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर इसे अपनाने में अग्रणी संगठन के रूप में उभरा है।

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम के नेतृत्व में, संस्थान विज्ञान संचार की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों और डिजिटल प्लेटफार्मों का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहा है। इसी प्रयास के अंतर्गत, एनआईएससीपीआर ने हाल ही में सरल एआई पर एक व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें पत्रिकाओं के संपादकों और शोधकर्ताओं सहित 90 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम ने कहा कि वैज्ञानिक ज्ञान का महत्व तब और बढ़ जाता है जब वह शोध समुदाय से आगे बढते हुए आम लोगों के लिए उपलब्‍ध होता है। सरल एआई जैसी नई तकनीकों को अपनाकर, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर भारतीय शोध को अधिक सुलभ बनाने और व्यापक एवं विविध दर्शकों तक पहुंचाने के लिए काम कर रहा है।

यह पहल अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के वैज्ञानिक ज्ञान के व्यापक प्रसार और अनुसंधान को समाज के लिए अधिक सुलभ बनाने पर प्रेरित है। एएनआरएफ के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने एनआईएससीपीआर के दौरे के दौरान, प्रकाशित शोध पत्रों से लघु वीडियो बनाने के उपकरण सरल एआई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संस्थान को जटिल वैज्ञानिक अनुसंधान को सरल बनाने और इसे आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सरल एआई का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। एएनआरएफ के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने कहा कि अनुसंधान प्रकाशन के साथ समाप्त नहीं होना चाहिए। सरल एआई जैसे उपकरण शोधकर्ताओं और संस्थानों को अपने काम को शोध पत्रों से आगे ले जाने, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और भारतीय अनुसंधान के प्रभाव को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से छात्रों और आम जनता के लिए वैज्ञानिक शोध को खोजना, समझना और साझा करना और इसे आसान बनाना है। ये वीडियो एक समर्पित यूट्यूब प्लेलिस्ट (यूट्यूब प्लेलिस्ट लिंक- https://www.youtube.com/playlist?list=PLb4FmdATtzOs ) के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो शोध पत्रों के अलावा अन्य दर्शकों तक शोध पहुंचाने का एक अतिरिक्त डिजिटल माध्यम प्रदान करता है।

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