प्राइवेट स्कूलों द्वारा संपूर्ण भारत में बच्चों को खतरे में डालते अनावश्यक टूर पर तत्काल लगे रोक, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा पत्र : प्रदेश महासचिव सिंह

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छत्तीसगढ़ प्रादेशिक मानव संसाधन विकास समिति के प्रदेश महासचिव बिरेंदर सिंह ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आयोग सहित प्रधानमंत्री कार्यालय और महिला और बाल विकास मंत्री को पत्र लिख कर अवगत कराया है,संपूर्ण भारत में प्राइवेट स्कूल के बच्चों को खतरे में डाल कर पिकनिक अथवा मौज मस्ती टूर के नाम पर स्कूल श्रेत्र से काफी दूर ले जाते हैं,कई बार बच्चे नसमझी में स्कूल द्वारा ऐसे टूर पर जाने अपने अभिवावकों पर दबाव बनाते है जिस पर निम्नलिखित बिंदुओं पर आप के सक्षम प्राधिकार से विचार करने का निवेदन है :—ऐसे अनावश्यक टूर में केवल कुछ आर्थिक सक्षम बच्चे ही भाग ले पाते हैं।ऐसे अनावश्यक टूर बच्चों से पैसा उगाही का एक अतिरिक्त श्रोत है।बच्चों द्वारा अभिभावकों पर ऐसे अनावश्यक टूर हेतु दबाव बनाया जाता है।अनावश्यक टूर सरकार की एडवाइजरी “एकदम आवश्यक हो तो यात्रा करें” का उल्लंघन है और अविभावकों पर घर से काफी दूर होने से किसी प्रकार की अनहोनी होने पर अतिरिक्त प्रेशर उत्पन करता है।ऐसे अनावश्यक टूर जो 200 km से ज्यादा यात्रा को बढ़ावा देता है,पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग जायज है,क्योंकि बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से थक जाते हैं और कई बच्चे एलर्जिक भी होते है,जिससे स्वस्थ पर तत्काल अथवा आने वाले समय पर प्रभाव पड़ता है,और पढ़ाई भी बाधित होती है।ऐसे अनावश्यक टूर उन बच्चों के मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव डालता है जो पैसों के कारण टूर पर नहीं जा पाते है,वो अपने अभिभावकों से लंबे समय तक नाराज़ रहते हैं और उनमें चिड़चिड़ापन भी देखने को मिलता है। महोदय जी अभी वर्तमान में उद्धरण के लिए यदि कोई प्राइवेट स्कूल द्वारा बच्चों को दिल्ली के प्रदूषण,ठंड के अलर्ट,कोहरे के अलर्ट के बावजूद भेजा गया है और ऑब्जेक्शन करने पर अभिभावकों द्वारा concerned लेटर पर साइन होने का हवाला दिया गया,स्कूल द्वारा ये तर्क जो अक्सर दिया जाता है किसी भी प्रकार justified नहीं हो सकता ये मेरा मानना है,और concerned लेटर यदि जो कि उस समय लिया गया था जब स्थितियां सामान्य थी,और वर्तमान परिस्थिति प्रतिकूल हो तो ऐसे में स्कूल अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए बच्चों के स्वास्थ और जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं ऐसा क्यों न माना जाए ? हालांकि इसमें अभिवावकों भी गलती कहलाई जायेगी।श्री सिंह ने आगे कहा महोदय जी, बाल हित में आपसे निवेदन है कि कृपया ऐसे किसी भी प्रकार के टूर जिसमें 200 km से ज्यादा की यात्रा हो ,पर पूर्ण प्रतिबंध लगे,हालांकि की अवॉर्ड,स्पोर्ट्स,एजुकेशन टूर जो वेकेशन में हों,पर प्रतिबंध लागूं न हो,ऐसे सख्त निर्णय पारित करने की प्रार्थना है,जिसकी अवहेलना करने पर स्कूल को 2 लाख से ऊपर का जुर्माना और कार्यवाही का प्रावधान भी किया जाना उचित प्रतीत होता है। श्री सिंह ने बाल हित में संपूर्ण राष्ट्र में प्राइवेट स्कूल द्वारा इस प्रकार के अनावश्यक यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

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