गरियाबंद : मैनपुर में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत एवं बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यषाला सम्पन्न

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बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की दी गई जानकारी
गरियाबंद, 26 फरवरी 2026
आकांक्षी ब्लॉक मैनपुर के सामुदायिक भवन में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान एवं बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत 348 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं 13 सेक्टर सुपरवाइजर्स के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय तथा नीति आयोग की सहयोगी संस्था एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन द्वारा प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में बाल विवाह के रोकथाम के लिए कार्यकर्ताओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान बाल विवाह से उत्पन्न होने वाली सामाजिक, स्वास्थ्य एवं आर्थिक समस्याओं जानकारी दी गई। इसके अलावा बाल विवाह बालिकाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कम आयु में गर्भधारण होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि होती है तथा कुपोषण की समस्या और बढ़ जाती है। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा बाधित होने से उनका समग्र विकास प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर परिवार और समाज दोनों पर पड़ता है। इन विषयों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया गया, ताकि कार्यकर्ता समुदाय स्तर पर प्रभावी रूप से चर्चा कर बाल विवाह रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिका तथा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। जो कि दंडनीय अपराध है। ऐसे विवाह में सहभागी सभी व्यक्ति अपराध के दायरे में आते हैं। अधिनियम के अनुसार 2 वर्ष तक का कठोर कारावास या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बाल विवाह विषय पर आधारित एक प्रेरक फिल्म दिखाई गई, जिसके माध्यम से विषय की संवेदनशीलता और गंभीरता को समझाया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ दिलाया गया और अपने-अपने कार्यक्षेत्र को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया। इसमें योजना की अद्यतन प्रक्रिया, पात्रता, ऑनलाइन पंजीयन, आधार एवं एनपीसीआई सीडिंग, किस्तों के भुगतान तथा ड्यू लिस्ट क्लियरेंस से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जस्ट चिल्ड्रेन की सहयोगी संस्था समर्पित की पूरी टीम का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। जबकि बाल विकास परियोजना मैनपुर का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी, जिला मिशन समन्वयक मनीषा वर्मा तथा सेक्टर पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे।

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