जलझूलनी एकादशी पर भगवान नारायण और माता साबरी के धार्मिक शिवरीनारायण मठ में भगवान का जलविहार कार्यक्रम

Date:

ऐतिहासिक भगवान नारायण और माता साबरी से जुड़ी धार्मिक नगरी शिवरीनारायण के मठ में जल झूलनी एकादशी का पर्व श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। भगवान श्री हरि की पूजा-अर्चना कर विशेष श्रृंगार एवं आरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मठ पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। शाम 4:30 मठ से शोभायात्रा पुरानी हटरी, मध्य नगरी चौक,हनुमान मंदिर होते हुए भजन कीर्तन के साथ त्रिवेणी संगम के लिए निकली।महानदी में भगवान को नाव में बिठाकर जल विहार कराया गया, पश्चात सभी भक्त हरि नाम संकीर्तन करते हुए मठ पहुंचे। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने एकादशी व्रत एवं भगवान विष्णु की उपासना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। जलझूलनी एकादशी भगवान श्रीहरि की आराधना, व्रत, संयम और भक्ति का पावन पर्व है। श्रद्धा एवं विश्वास के साथ भगवान का स्मरण करने से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मकता ऊर्जा का संचार होता है। जीवात्मा को पापों से मुक्ति मिलती है। कार्यक्रम में त्यागी महाराज, पूर्णेन्द्र तिवारी, निरंजन लाल अग्रवाल, योगेश शर्मा, हेमंतदुबे, सुखराम दास, अशोक शर्मा, राधेश्याम सोनी, जगदीश यादव, गेंदुराम आदित्य, वीरेंद्र केसरवानी, पुरेंद्र सोनी, खगेश वर्मा, हर्ष दुबे, दिल कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि, भक्त, संत-महात्मा उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को...