विष्णुदेव सरकार का चक्रवात ‘अर्नब’ से फसल क्षति के आँकलन और दावा भुगतान हेतु बीमा कंपनियों को सर्वेक्षण के निर्देश

Date:

रायपुर, 30 अक्टूबर 2026
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न जिलो में हुई वर्षा एवं तेज हवाओं के कारण खेतों में खडी तथा कटाई उपरांत रखी गई फसलो को क्षति की सूचनाएं प्राप्त हो रही है। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टरो, जिलों के उप संचालक कृषि एवं बीमा कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि किसानों से प्राप्त फसल हानि की सूचनाओ का सर्वे निर्धारित समय-सीमा में तथा द्रुत गति से पूर्ण कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को दावा राशि का भुगतान शीघ्र हो सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत प्रदेश में कुल 11 फसलें अधिसूचित हैं धान (सिचित), धान (असिचित), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी। स्थानीय आपदा के अंतर्गत बेमौसम बारिश से अधिसूचित फसलों में हानि होने तथा फसल कटाई उपरांत क्षति के अंतर्गत किसान द्वारा फसल काटकर खेत में सुखाने हेतु रखी गई (करपा) फसल को कटाई के 14 दिवस के भीतर चक्रवात, चक्रवाती वर्षा अथवा बेमौसम वर्षा से होने वाली हानि पर भी दावा भुगतान का प्रावधान है। योजना अंतर्गत प्रदेश में कुल 21,26,576 हेक्टेयर रकबे में धान की फसल बीमित कराई गई है तथा असमायिक वर्षा से उत्पादन में कमी आने होने पर फसल कटाई प्रयोग के आधार पर किसान भाइयो को दावा भुगतान दिए जाने का प्रावधान रखा गया है तथा इसके लिए विभाग के दवारा फसल कटाई प्रयोग की वांछित कार्यवाही करायी जा रही है तथा किसानों को तत्काल दावा राशि का भुगतान किए जाने के लिए बीमा कंपनियों को निर्देशित किया गया है।
चक्रवात के प्रतिकूल प्रभाव के कारण फसल क्षति से प्रभावित कुल 59,666 फसल क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। जिसमे से 88 सूचनाओं का सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष सूचनाओ के सर्वेक्षण का कार्य जारी है।
किसान भाई फसल हानि की स्थिति में फसल क्षति होने के 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल के टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनी द्वारा सर्वेयर नियुक्त किया जाएगा, 10 दिवस के भीतर सर्वे पूर्ण किया जाएगा तथा सर्वे उपरांत 15 दिवस के भीतर पात्र दावा राशि का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में किया जाएगा। अधिक जानकारी हेतु किसान इींप अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उप संचालक कृषि अथवा संबंधित बैंक शाखा से भी संपर्क करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related