राष्ट्र ध्वज तिरंगे को दें अपने घर में भी प्रथम स्थान,अपने परिवार,समाज,राष्ट्र और धार्मिक मान्यताओं की रक्षा के लिए सहोदर का राष्ट्र भाव जरूरी : प्रदेश महासचिव सिंह

छत्तीसगढ़ प्रादेशिक मानव संसाधन के प्रदेश महासचिव सह पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री (झारखंड प्रभारी)अखिल भारतीय मानव अधिकार समिति, श्री बिरेंदर सिंह ने राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी और 15 अगस्त को भारत का सबसे विशेष पर्व बताया जब बच्चा बच्चा तिरंगमई दिखता है,जिस पर्व को मनाने के लिए नेता जी सुभाष,मंगल पांडेय,भगत सिंह,बिरसा मुंडा,लक्ष्मीबाई,अशफाक अल्ला खान जैसे देश के हर कोने से,जंगल से,पहाड़ों से,दुर्गम क्षेत्र से वीर बलिदानियों से अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस,शौर्य का बलिदान दिया और आज भी राष्ट्र की रक्षा हेतु न जाने कितने विभिन्न धर्म,मजहब,मान्यताओं के सिपाही भारतीय सेना में रोज अपना बलिदान देते हैं,कई गुमनामी रूप से जीवन त्याग करते हैं,हम सब उनका सबका सम्मान समान रूप से करते हैं,उस समय हम बलिदानी सिपाही का व्यक्तिगत धार्मिक मान्यता वाला धर्म नहीं देखते अपितु उसका राष्ट्र यानी हमारे रक्षा के लिए किए गए उनके त्याग को देखते हैं उसी भाव को हम सभी को सदैव याद रखना है और अपने घर में भी तिरंगे को ससम्मान स्थापित कर सबसे प्रथम और उच्च स्थान देना है ताकि हमारी पीढ़ियों में ये संस्कार प्राप्त हो सके कि राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र है तो हम सब हैं,हमारी मान्यताओं की रक्षा है,हमारे अधिकार हैं,संविधान है।सब अखंड बनें,घर घर तिरंगा लगे ,पूरा विश्व हमारे आपसी प्रेम,एक परिवार के रूप में सहोदर के भाव को देख कर टकराने की भूल न करे,ये अपील श्री सिंह ने अपनी समिति,अपने परिवार,समाज और राष्ट्र वासियों से की है।
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