छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्नीक शिव महापुराण कथा में हुए शामिल, व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की
पांच शक्तिपीठों का चारधाम की तर्ज पर हो रहा विकास, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान
श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का मिल रहा अवसर
रायपुर 23 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस कथा श्रवण करने पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
विशाल संख्या में उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उन्हें भी सपत्नीक इस पुण्य कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार प्रदेश की इस समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले।राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के श्री दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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